
देहरादून: उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम पन्ना जोड़ते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक पड़ाव पर उन्होंने प्रदेश की जनता के नाम एक बेहद संवेदनशील और आभार से भरा संदेश जारी किया।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि पांच सालों का यह सफर उत्तराखंड की 1.25 करोड़ जनता के अटूट विश्वास, सहयोग और उनकी उम्मीदों को समर्पित है। उन्होंने जनसेवा, सुशासन और तेज विकास को अपनी सरकार का एकमात्र लक्ष्य बताते हुए सभी प्रदेशवासियों का धन्यवाद किया।
‘डबल इंजन’ की ताकत और बड़े ऐतिहासिक फैसले
अपने संदेश में मुख्यमंत्री धामी ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के मजबूत तालमेल की बदौलत ही उत्तराखंड में ऐसे कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लेना मुमकिन हो पाया, जो पहले कभी नहीं हुए। उन्होंने सरकार के कुछ सबसे बड़े कदमों को सुशासन और समानता की मिसाल बताया:
समान नागरिक संहिता (UCC): देश का पहला राज्य जिसने समानता की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया।
कड़े कानून: युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून, धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून और देवभूमि की जमीनों को बचाने के लिए सख्त भू-कानून।
पारदर्शिता की नीति: मदरसा बोर्ड को समाप्त कर ‘उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ का गठन, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आ सके।
युवाओं को रोजगार और मातृशक्ति को अधिकार
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा साझा करते हुए बताया कि सरकार ने युवाओं और महिलाओं की तरक्की को हमेशा सबसे आगे रखा है:
34 हजार से अधिक नौकरियां: पूरी पारदर्शिता और बिना किसी धांधली के राज्य के 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार दिया गया।
30% क्षैतिज आरक्षण: उत्तराखंड की मातृशक्ति (महिलाओं) को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देकर उनका हक सुनिश्चित किया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प: निवेश, उद्योगों का विस्तार, बेहतर सड़कें, शानदार एयर कनेक्टिविटी और चारधाम यात्रा के साथ-साथ पर्यटन के बुनियादी ढांचे को एक नया रूप दिया गया।
पहाड़ के उत्पादों को वैश्विक पहचान और निवेश की ग्राउंडिंग
सैनिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की रीढ़ बताते हुए सीएम धामी ने कई अन्य बड़ी कामयाबियों का भी जिक्र किया:
लोकल से ग्लोबल: ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए पहाड़ के स्थानीय उत्पादों को दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचाया गया।
बड़ा निवेश: राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को जमीन पर उतारा गया (ग्राउंडिंग की गई), जिससे नए उद्योगों के रास्ते खुले।
अन्य उपलब्धियां: सौर ऊर्जा को बढ़ावा, होमस्टे क्रांति, स्वरोजगार की नई राहें, राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में उत्तराखंड का देश भर में शानदार प्रदर्शन।
बड़ी घोषणा: अब “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ी और नई घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस अभियान का सीधा मतलब यह है कि अब सरकार और प्रशासन के अधिकारी खुद जनता के बीच, उनके गांवों और घरों तक पहुंचेंगे। मौके पर ही लोगों की समस्याओं का निपटारा किया जाएगा ताकि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ समाज के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) तक आसानी से पहुंच सके।
अपने संदेश के आखिरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “विकसित उत्तराखंड–विकसित भारत” के बड़े संकल्प को दोहराया। उन्होंने प्रदेशवासियों से इसी तरह अपना प्यार, सहयोग और विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जनता का यही भरोसा सरकार को हर चुनौती से लड़ने और राज्य को ‘श्रेष्ठ उत्तराखंड’ बनाने की सबसे बड़ी ऊर्जा देता है।



